Categories


MENU

We Are Social,
Connect With Us:


Categories


MENU

We Are Social,
Connect With Us:

☀️
–°C
Fetching location…

बारापुला फ्लाईओवर पर स्थापित किया गया 200 टन का स्टील स्पैन

बारापुला फ्लाईओवर पर स्थापित किया गया 200 टन का स्टील स्पैन

Ghaziabad news : एनसीआरटीसी ने दिल्ली-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर पर सराय काले खां स्टेशन को जंगपुरा स्टेबलिंग यार्ड से कनेक्ट करने के लिए बनाए जा रहे वायडक्ट के लिए बारापुला फ्लाईओवर पर 200 टन वजनी 4 गर्डर्स वाले स्टील स्पैन को सफलतापूर्वक स्थापित कर दिया गया है। एनसीआरटीसी की टीम ने इस प्रक्रिया को प्रशासन, लोक निर्माण विभाग और ट्रैफिक पुलिस के सहयोग से पूर्ण किया, जिसके लिए एनसीआरटीसी द्वारा सावधानीपूर्वक योजना बनाई गई और उत्कृष्ट समन्वय के साथ इस कार्य को पूर्ण किया गया।

एनसीआरटीसी के प्रवक्ता पुनीत वत्स ने बताया कि नमो भारत कॉरिडोर पर चलने वाली ट्रेनों को खड़ा करने के लिए सराय काले खां स्टेशन से कुछ ही दूरी पर जंगपुरा स्टेबलिंग यार्ड बनाया जा रहा है, जिसके लिए सराय काले खां स्टेशन से वायडक्ट का निर्माण किया जा रहा है। नमो भारत कॉरिडोर के एलिवेटेड सेक्शन में वायाडक्ट के निर्माण के लिए एनसीआरटीसी आमतौर पर औसतन 34 मीटर की दूरी पर पिलर निर्माण करता है। हालांकि, कुछ जटिल क्षेत्रों में जहां कॉरिडोर नदियों, पुलों, रेल क्रॉसिंग, मेट्रो कॉरिडोर, एक्सप्रेस-वे या ऐसे अन्य मौजूदा ढांचों को पार कर रहा है, वहां पिलर्स के बीच इस दूरी को बनाए रखना व्यावहारिक रूप से संभव नहीं होता, इसलिए ऐसी जगहों पर पिलर्स के बीच की दूरी को आवश्यकतानुसार बढ़ाया जाता है और ऐसे क्षेत्रों में वायडक्ट निर्माण हेतु पिलर्स को जोड़ने के लिए स्पेशल स्पैन का उपयोग किया जाता है।

उन्होंने बताया कि इस लोकेशन पर भूतल पर एक नाला बह रहा है, जिसके समानांतर बारापुला फ्लाईओवर स्थित है। यहाँ नमो भारत कॉरिडोर नाले और बारापुला फ्लाईओवर दोनों को एक ही जगह पर पार कर रहा है। इसी को पार करने के लिए 4 गर्डर वाला स्टील स्पैन बनाया गया है।

इन स्टील गर्डर्स की लंबाई 40 मीटर (प्रत्येक) है और वजन 50 टन (प्रत्येक) है। इन 4 स्टील गर्डर्स को 2 स्टेज लिफ्टिंग प्रक्रिया के जरिए उच्च क्षमता वाली 3 क्रेन्स की मदद से स्थापित किया गया। यह एक बेहद चुनौतीपूर्ण कार्य था, जिसे टीम ने रात के समय निरंतर प्रयास से पूर्ण किया।

नीचे बहता नाला और उसके ऊपर बारापुला फ्लाईओवर होने की वजह से यहां पर स्टील स्पैन्स को क्रेन से उठाकर सीधा निर्धारित पिलर्स पर रखना था, इसलिए यहां बारापुला फ्लाईओवर की एक साइड में दो क्रेनों की मदद से स्टील गर्डर्स को एक-एक कर जमीन से उठाकर पहले बारापुला फ्लाईओवर पर बनी सड़क पर रखा गया। इसके बाद फ्लाईओवर के दोनों ओर खड़ी क्रेनों की मदद से गर्डरों का एक-एक सिरा दोनों तरफ से उठाकर निर्धारित पिलर्स पर एक-एक करके स्थापित किया गया।

Share this:

Latest Updates