Ranchi News: गृह मंत्री अमित शाह नौ जुलाई की शाम करीब छह बजे रांची पहुंचेंगे। आधिकारिक सूत्रों ने मंगलवार को बताया कि वह 10 जुलाई को आयोजित पूर्वी क्षेत्रीय परिषद की बैठक में शामिल होने के बाद उसी दिन दोपहर वापस दिल्ली चले जायेंगे। इससे सम्बन्धित सूचना केन्द्र ने राज्य सरकार को भेज दी है। बैठक में भाग लेने के लिए 30-35 अधिकारियों का दल भी रांची पहुंचेगा।
ओड़िशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने 10 जुलाई को आयोजित पूर्वी क्षेत्रीय परिषद की बैठक में शामिल होने की सूचना भेजी है। बिहार से वित्त मंत्री सम्राट चौधरी और जल संसाधन मंत्री विजय चौधरी ने भी बैठक में शामिल होने से सम्बन्धित सूचना भेजी है। पश्चिम बंगाल से चंद्रिमा भट्टाचार्य ने बैठक में शामिल होने की सूचना दी है। वह पश्चिम बंगाल में वित्त सहित अन्य महत्त्वपूर्ण विभागों की मंत्री हैं।
पूर्वी क्षेत्रीय परिषद की बैठक में शामिल होंगे ये राज्य
पूर्वी क्षेत्रीय परिषद की बैठक में शामिल होनेवाले राज्यों ; यथा झारखंड, बिहार, पश्चिम बंगाल, ओड़िशा के बीच आपसी विवाद से सम्बन्धित विषयों पर चर्चा होगी और उसका हल तलाशने की कोशिश की जायेगी। इसमें पेंशन बंटवारा, नदियों और डैम के जल के बंटवारा सहित अन्य मुद्दे शामिल किये जायेंगे। इसके अलावा राज्य और केन्द्र के बीच लम्बित मामलों का हल निकालने के मुद्दे पर चर्चा होगी। इसके अलावा राज्य सरकार की ओर से केन्द्र के पास लम्बित मांगों पर भी चर्चा की जायेगी।
राज्य सरकार ने पूर्वी क्षेत्रीय परिषद की बैठक में शामिल होनेवाले मंत्रियों और अधिकारियों के लिए ठहरने की व्यवस्था कर ली है। साथ ही, जिन मंत्रियों और अधिकारियों के आने की सूचना मिल गयी है, उन्हें राजकीय अतिथि घोषित किया जा रहा है। इसे लेकर मंगलवार को वरीय अधिकारियों ने रेडिशन ब्लू होटल का सुरक्षा से सम्बन्धित जायजा लिया।
राज्य से मुख्यमंत्री हेमन्त सहित 15 अधिकारी होंगे शामिल
झारखंड से मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन के साथ 15 वरिष्ठ अधिकारी और मंत्री बैठक में शामिल होंगे। इनमें राजस्व मंत्री दीपक बिरुआ, वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर, मुख्य सचिव अलका तिवारी, अमिताभ कौशल, अजय कुमार सिंह, वंदना दादेल, सुनील कुमार, अनुराग गुप्ता सहित अन्य अधिकारी शामिल रहेंगे।
उल्लेखनीय है कि इससे पहले पूर्वी क्षेत्रीय परिषद की बैठक 10 मई को आयोजित की गयी थी। हालांकि, भारत-पाकिस्तान के बीच पैदा हुई तनावपूर्ण स्थिति की वजह से बैठक को स्थगित करते हुए बाद में आयोजित करने का फैसला किया गया था।



