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Affection Vanished : एक निर्दयी मां ने नवजात बेबी को बैग में रखकर डंपिंग ग्राउंड पर फेंका, 11 साल की बच्ची ने…

Affection Vanished : एक निर्दयी मां ने नवजात बेबी को बैग में रखकर डंपिंग ग्राउंड पर फेंका, 11 साल की बच्ची ने…

UP Update News, Meerut : यूपी के मेरठ से इंसानियत का सिर झुकाने वाला एक मामला सामने आया है। घटना जिले के खरखौदा थाना क्षेत्र की है जहां के डंपिंग ग्राउंड के पास लावारिस बैग में नवजात बच्ची रोती हुई मिली। बताया जा रहा है कि बच्ची का जन्म शायद एक दिन पहले ही हुआ है। कोई इसे कूडे़ के ढेर में छोड़ गया है। यह किसी निर्दयी मां की ममताहीनता का प्रमाण है। लोगों ने बच्ची मिलने की सूचना पुलिस को दी। सूचना पर पहुंची थाना पुलिस बच्ची को लेकर अस्पताल गई। बच्ची किसकी है, कौन छोड़ गया, इसकी जांच की जा रही है।

बैग से आ रही थी रोने की आवाज

स्थानीय लोगों ने पुलिस को बताया कि डंपिंग ग्राउंड के पास से 11 साल की बच्ची मौसमी गुजर रही थी। अचानक मौसमी ने मुगल महल के सामने कोई आवाज सुनी। आवाज सुनकर वो रुकी थोड़ी देर उसने यहां वहां देखा कुछ नहीं दिखा। मौसमी दोबारा वहीं खेलकर आगे जाने लगी तो फिर आवाज आई। इसके बाद मौसमी डंपिंग ग्राउंड के पास पहुंची तो देखा कि एक बैग से रोने की आवाज आ रही है। उत्सुकता में उसने बैग को खोलकर देखा. उसके अंदर एक बच्ची रो रही थी। मौसमी ने रोती हुई बच्ची को बैग में देखकर शोर मचाया और खुद भी रोने लगी। उसके रोने की आवाज सुनकर राहगीर वहां जमा होने लगे।

कई लोग आ रहे बच्चे को गोद लेने के लिए

मौसमी के पिता अनीस को बुलाया गया कि तेरी बेटी रो रही है। बाद में अनीस मौके पर पहुंचा और बच्ची से रोने का कारण पूछा तो उसने बैग की तरफ इशारा कर बताया। लोगों ने देखा कि बैग में एक रोती हुई नवजात है। इसके बाद पुलिस को सूचना दी. मौके पर पहुंची थाना पुलिस ने बच्ची को लेकर निजी अस्पताल में भर्ती कराया है। डॉक्टरों का कहना है कि बच्ची स्वस्थ है। थाना पुलिस बच्ची के परिजनों की तलाश कर रही है। वहीं बच्ची को गोद लेने के लिए कई लोग आगे आ रहे हैं।

ग्रामीण महिलाएं कर रहीं नवजात की देखभाल

थाना प्रभारी का कहना है कि बच्ची बिल्कुल नवजात है, बच्ची के परिजनों की तलाश के लिए सीसीटीवी कैमरे चैक किए जा रहे हैं। अस्पताल में नर्स और ग्रामीण महिलाएं नवजात की देखभाल कर रही हैं, वहीं बच्ची को दूध पिलाने का प्रयास किया गया, लेकिन बच्ची इतनी छोटी है कि बोतल से दूध नहीं पी पा रही, उसे कॉटन फीडिंग कराने का प्रयास किया जा रहा है।

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