समर्थकों में छायी खुशी, मनाया जश्न, आठ साल पांच महीना पांच दिन बाद आया फैसला
धनबाद के सरायढेला में नीरज सिंह सहित चार लोगों पर ताबड़तोड़ बरसायी गयी थीं गोलियां , विशेष एमपी एमएलए कोर्ट ने सुनाया फैसला
Dhanbad news : धनबाद कोयलांचल में हुए चर्चित नीरज सिंह हत्याकांड मामले में बुधवार को विशेष एमपी एमएलए कोर्ट के विशेष न्यायाधीश दुर्गेशचंद्र अवस्थी ने आठ साल पांच महीना पांच दिन बाद अपना फैसला सुनाया है। इस सनसनीखेज हत्याकांड मामले में झरिया के पूर्व विधायक संजीव सिंह सहित सभी 11 आरोपियों को बरी कर दिया गया। कोर्ट के इस फैसले से उनके समर्थकों के बीच खुशी की लहर दौड़ गयी। कोर्ट ने अपने फैसले में सुनाया कि अभियोजन पक्ष अपराध को साबित करने में विफल रहा है।
बता दें कि 21 मार्च 2017 को सरायढेला धनबाद के स्टील गेट के पास पूर्व डिप्टी मेयर नीरज सिंह और उनके तीन साथियों ; यथा अशोक यादव, धोल्टू महतो और मुन्ना तिवारी की हत्या कर दी गयी थी। इनलोगों की ताबड़तोड़ गोलियां चला कर हत्या की गयी थी। इस फैसले को लेकर पुलिस प्रशासन बुधवार को सुरक्षा को लेकर काफी सजग था। न्यायालय जानेवाले मार्ग पूजा टाकीज, रंधीर वर्मा चौक सहित धनबाद कोर्ट परिसर में सुरक्षा की दुरुस्त व्यवस्था की गयी थी। कोर्ट के आसपास भारी पुलिस बल तैनात किया गया था।
वहीं, कोर्ट परिसर को छावनी में तब्दील कर दिया गया था। फैसले के पहले कोर्ट के बाहर संजीव सिंह के समर्थकों की भारी भीड़ जमा थी। संजीव सिंह के पक्ष में कोर्ट का फैसला आते ही उनके समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गयी। कोर्ट परिसर के बाहर “संजीव सिंह जिन्दाबाद” के नारे गूंजने लगे। समर्थकों ने इसे “सत्य की जीत” करार दिया।
संजीव सिंह की पत्नी सह झरिया की वर्तमान बीजेपी विधायक रागिनी सिंह ने कहा, “हमें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा था। नीरज सिंह हत्याकांड कोयलांचल की सियासत और कोयला कारोबार में वर्चस्व की लड़ाई से जोड़ा जाता रहा है। नीरज सिंह और संजीव सिंह दोनों अपने सगे चचेरे भाई थे। एक ही राजनीतिक परिवार से ताल्लुक रखते थे। लेकिन, उनके बीच लम्बे समय से तनाव था। इस हत्याकांड ने 2017 में पूरे धनबाद में सनसनी फैला दी थी। संजीव सिंह 2017 से जेल में थे और हाल ही में 08 अगस्त 2025 को सुप्रीम कोर्ट से उन्हें जमानत मिली थी। रागिनी सिंह ने कहा कि संजीव जल्द ही जनता की सेवा में फिर से जुटेंगे। वहीं, नीरज सिंह के समर्थकों में निराशा देखी गयी। इस फैसले से धनबाद की सियासत में एक नयी चर्चा शुरू हो गयी है।
ये लोग हुए बरी
पूर्व विधायक संजीव सिंह, जैनेन्द्र सिंह उर्फ पिंटू सिंह, डब्लू मिश्रा, विनोद सिंह, सागर सिंह उर्फ शिबू, चंदन सिंह, कुर्बान अली, पंकज सिंह, रौधीर, धनंजय उर्फ धनजी व संजय सिंह शामिल है।
सुप्रीम कोर्ट ने छह माह में मुकदमे के निष्पादन का दिया था आदेश
नीरज सिंह हत्याकांड की सुनवाई के लिए सर्वोच्च न्यायालय ने 22 मार्च 25 को 06 माह में पूरी करने का आदेश मामले की सुनवाई कर रहे जिला एवं सत्र न्यायाधीश धनबाद की अदालत को दिया था। मामले के सूचक अभिषेक सिंह ने सर्वोच्य न्यायालय में एसएलपी संख्या 17990/24 दायर कर गुहार लगायी थी कि इस मामले में बीते 08 वर्षों से फैसला नहीं हो पाया है। बचाव पक्ष लगातार इसे लम्बा खींचने का प्रयास कर रहा है, जिस पर सुनवाई के बाद सर्वोच्य न्यायालय ने छह माह में सुनवाई पूरी करने का आदेश दिया था। बुधवार को सुनवाई को लेकर शहर के प्रमुख चौराहों पर चेकिंग अभियान चलाया गया, जहां दो पहिया और चार पहिया वाहनों की चेकिंग की जा रही थी।
कोर्ट परिसर में लगायी गयी थी धारा 144
कोर्ट में प्रवेश से पूर्व ही सभी की चेकिंग हो रही थी। सतर्कता प्रशासन ने कोर्ट परिसर में धारा 144 लागू लगा रखी थी। हालांकि, कोर्ट परिसर में इस धारा का कोई खास असर देखने को नहीं मिला। लोग न्यायालय के बाहर जमे रहे। हालांकि, पुलिस ने यहां से दर्जनों लोगों को संदेह जताते हुए हिरासत में लिया है।



