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इ तो गजबे हो गया : PM आवास योजना के तहत झारखंड में स्वीकृत हुए थे घर और बन गए बिहार में, अब क्या होगा…

Bihar-Jharkhand News : देश में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत गरीबों को हर जिले में आवास देने की व्यवस्था है। इस योजना के तहत बिहार और झारखंड से जुड़ा एक गजब का मामला सामने आया है। इस हेराफेरी के मामले को समझना जरूरी है। शायद ऐसा मामला देश में इसके पहले कहीं नहीं सुनने या देखने को मिला होगा। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, बिहार के जमुई जिला स्थित चकाई प्रखंड के अंतर्गत कपसा गांव में झारखंड के लोगों ने झारखंड में स्वीकृत पीएम आवास योजना के तहत अपना घर बना लिया। ऐसे सरकारी आवासों की संख्या 7 है। लाभुकों को आवास की स्वीकृति गिरीडीह जिले के देवरी प्रखंड स्थित नवादा गांव के लिए मिली थी। 

झारखंड में गिरिडीह के इन लोगों ने बिहार के जमुई में बनवाया घर

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, झारखंड में गिरिडीह जिले के देवरी प्रखंड अंतर्गत नवादा गांव निवासी हारो साव (कालोनी नं- 2592829), बृहस्पति साव (2592 737), विजय साव (2594291), सुरेश साव (2592849), आर साव (2615 292), छात्रधारी साव (2586 704) और श्याम सुंदर साव (2614 394) को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत घर एलाट किए गए थे। इन्होंने हेराफेरी करते हुए बिहार में अपना घर बनवा लिया।

बिना फिजिकल वेरीफिकेशन के आखिर कैसे हो गया भुगतान

 फिजिकल वेरीफिकेशन यानी भौतिक सत्यापन (Physical verification) के बगैर भुगतान करना एक गंभीर मामला है। गौरतलब है कि कि झारखंड के नवादा और बिहार के कपसा गांव आसपास स्थित हैं। इसलिए आसानी से हेराफेरी कर लाभुक अपने घर के पार अपना घर बना लेते हैं। बड़ा सवाल यह है कि पीएम आवास के लिए लाभुकों को भौतिक सत्यापन के बाद ही राशि का भुगतान किया जाता है। अगर योजना के तहत भौतिक सत्यापन किया गया था, तो अधिकारियों से इतनी बड़ी गलती कैसे हो गई। अब मामला सामने आने के बाद देवरी के अंचलाधिकारी द्वारा बिहार-झारखंड सीमा के निर्धारण के लिए मापी शुरू करवाई गई है।

संबंधित प्रखंडों के CO बोले

मामले को लेकर बिहार के चकाई के सर्किल ऑफिसर यानी अंचलाधिकारी (CO) राकेश रंजन ने कहा कि बिहार की जमीन पर झारखंड निवासियों द्वारा अतिक्रमण कर प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत घर बनाए जाने की जानकारी मुझे नहीं है। यदि शिकायत मिलती है तो इस मामले की जांच की जाएगी। झारखंड के देवरी के अंचलाधिकारी ने राजमोहन तूरी ने कहा कि बिहार की जमीन पर प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत घर बनाए जाने की शिकायत मिलने के बाद अमीन के माध्यम से झारखंड-बिहार की सीमा पर झारखंड के नवादा तथा बिहार के कपसा गांव के निकट माफी कराई जा रही है। देवरी के ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिसर यानी प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) इंद्रलाल ओहर ने बताया कि आवेदन के माध्यम से स्थानीय लोगों ने शिकायत की है। मामले को संज्ञान में लिया गया है। जांच के आदेश दे दिए जा चुके हैं।

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