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Dharm aadhyatm : विघ्नहर्ता को प्रसन्न रखें, जीवन में कभी भी कोई समस्या नहीं आएगी

Dharm aadhyatm : विघ्नहर्ता को प्रसन्न रखें, जीवन में कभी भी कोई समस्या नहीं आएगी

Keep the destroyer happy, you will never face any problem in life, dharm, religious, Dharma-Karma, Spirituality, Astrology, jyotish Shastra, dharmik totke, dharm adhyatm, Sanatan Dharm, hindu dharm, God and goddess : धार्मिक मान्यता है कि विघ्नहर्ता गणेश जिससे भी प्रसन्न होते हैं, उनके जीवन में कभी भी कोई समस्या नहीं आती। आपने अक्सर लोगों को गणपति जी की मूर्ति या तस्वीर मुख्य दरवाजों पर लगाते देखा होगा। वास्तु के अनुसार यह शुभ माना गया है, लेकिन दरवाजे पर गणेश जी की प्रतिमा लगाने के भी नियम है, जिनका सभी को पालन करना चाहिए। आखिर क्या है वह नियम, आइए जानते हैं…

इन बातों का रखें ध्यान

✓घर के मुख्य दरवाजे पर गणपति जी की प्रतिमा लगाने की दिशा का ध्यान रखना चाहिए। इसके लिए आपके घर के मुख्य दरवाजे का मुंह उत्तर या दक्षिण दिशा में होना चाहिए। अगर दरवाजे का मुख पूर्व या पश्चिम दिशा में है तो वहां गणेश प्रतिमा नहीं लगानी चाहिए।

✓वास्तु शास्त्र के अनुसार घर के मुख्य द्वार पर गणेश जी की प्रतिमा लगा रहे हैं तो अंदर भी उनकी स्थापना करें। इस बात का विशेष ध्यान रखें कि प्रतिमा का मुख अंदर की तरफ होना चाहिए। इसके लिए पश्चिम उत्तर और पूर्वोत्तर दिशा ही सबसे बेहतर मानी गई हैं।

✓परिवार की तरक्की चाहते हैं तो सिंदूरी अथवा सफेद रंग के गणेश जी विराजित करने चाहिए।

✓ गणपति बप्पा की सूंड बायीं तरफ मुड़ी होनी चाहिए। दाईं तरफ मुड़ने वाली सूंड घर के अंदर शुभ है।

✓घर के मुख्य दरवाजे पर गणेश जी की प्रतिमा बैठी हुई मुद्रा में होनी चाहिए। हालांकि, आप खड़ी हुई मुद्रा में गणेश प्रतिमा अपने ऑफिस या अपने कार्यस्थल के लिए रख सकते हैं।

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