Categories


MENU

We Are Social,
Connect With Us:


Categories


MENU

We Are Social,
Connect With Us:

☀️
–°C
Fetching location…

मिसाल: इन गधे-गधियों को कहिए धन्यवाद, जिसने कराई बंपर कमाई… ढाई करोड़ का हुआ कारोबार

मिसाल: इन गधे-गधियों को कहिए धन्यवाद, जिसने कराई बंपर कमाई… ढाई करोड़ का हुआ कारोबार

Say thanks to these donkeys who made bumper earnings… business worth Rs 2.5 crores, Breaking news, National top news, national news, national update, national news, new Delhi top news, patan news, business news : आइए चलते हैं पाटण और बात करते हैं जिले के रहने वाले धीरेन सोलंकी की। धीरेन को जब मन मुताबिक नौकरी नहीं मिली तो उसने अपना कारोबार शुरू करने का फैसला किया। गाय-भैस का दूध जहां 60 से 65 रुपये लीटर बिकता है, धीरेन ने 5000 से 7000 रुपये लीटर बिकने वाले डंकी मिल्क ( गधी का दूध) बेचने का काम शुरू किया। आपको बता दें इस दूध से उसने 2.5 करोड़ का कारोबार खड़ा कर लिया है। सोलंकी आज इन गधे-गधियों के प्रति आभार जताने से नहीं चूकते।  

थोड़े जुगाड़ तो थोड़े कर्ज लेकर खरीद लिए गधे-गधियां

बिजनेस शुरू करने के क्रम में धीरेन ने कुछ लोन और कुछ सेविंग के पैसों से गधे खरीद लिए। दरअसल, दक्षिण भारत में डंकी फॉर्म का खूब चलन है। उन्होंने वहां से डंकी फॉर्मिंग के बारे में पूरी जानकारी इकट्ठा की और अपने गांव आकर 20 गधे खरीद लिए। 22 लाख की लागत से उसने फॉर्म हाउस बनाया और करीब 43 मादा गधे को पालना शुरू किया। शुरुआत चार-पांच महीने में कुछ खास नहीं दिखा, लेकिन धीरेन ने हार नहीं मानी और काम करते रहे। सोलंकी आज डंकी मिल्क की बदौलत  हर महीने 3 से 4 लाख रुपये की कमाई कर रहे हैं।

गधी के दूध की डिमांड देख शुरू किया ऑनलाइन कारोबार, एक लाख रुपये किलो बिक रहा मिल्क पाउडर

धीरेन ने देखा कि गुजरात के बजाए दक्षिण भारत में गधी के दूध की ज्यादा डिमांड है। उसने बिना देर किए अपने प्रोडक्ट को ऑनलाइन बेचना शुरू कर दिया। उसे कर्नाटक और केरल से खूब ऑर्डर आने लगे।  के अलावा वह डंकी के मिल्क को सुखाकर उसका पाउंडर भी सेल करते हैं। इस पाउडर की भी बड़ी डिमांड है। एक किलोग्राम पाउडर मिल्क की कीमत एक लाख रुपये तक चली जाती है।

इस दूध में प्रोटीन और फैट कम, लैक्टॉज ज्यादा

गधी के दूध में प्रोटीन और फैट कम होता है, लेकिन लैक्टॉज ज्यादा होता है। यह दूध आम दूध के मुकाबले ज्यादा फायदेमंद होता है। इसका इस्तेमाल कॉस्मेटिक्स और फार्मास्युटिकल्स प्रोडक्ट्स बनाने में किया जाता है। यही वजह है कि इसकी डिमांग और कीमत दोनों बहुत अधिक है।

Share this:

Latest Updates