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Health Consciousness : सेहत बुलंद तो जिंदगी खुश, कमर के नीचे दर्द को …

Health Consciousness : सेहत बुलंद तो जिंदगी खुश, कमर के नीचे दर्द को …

National News Update, New Delhi, Be Careful For Your Health, Don’t Ignore Such Problem : जिंदगी की हर खुशी आपकी सेहत से जुड़ी है अगर सेहत बुलंद है तो जिंदगी खुश रहेगी समस्याएं आती जाती रहेंगी। याद रखिए सेहत संबंधी किसी समस्या को कभी इग्नोर नहीं करना चाहिए। सामान्य रूप से हम देखते हैं कि ऑफिस में काम कर रहे हर किसी को 7-8  घंटे लैपटॉप के सामने बैठ कर बिताना होता है। ऑफिस लाइफ में लंबे वक्त तक एक ही पोज में बैठने की वजह से कई लोगों में लोअर बैक यानी कमर के निचले हिस्से में दर्द देखने को मिलता है। काम के चक्कर में लोग हेल्थ को इग्नोर कर देते है। कमर दर्द लगातार बना रहे तो यह कुछ हेल्थ प्रॉब्लम की तरफ इशारा करता है। इस स्थिति में तुरंत डॉक्टर को दिखाना जरूरी होता है।

स्पाइनल स्टेनोसिस 

जब किसी को स्पाइनल स्टेनोसिस होता है तो इस स्थिति में रीढ़ की नलिकाएं यानी कैनाल्स संकुचित होने लगती हैं इसी वजह से नर्व्स पर दबाव बढ़ जाता है। स्पाइनल स्टेनोसिस में गर्दन में दर्द से लेकर पीठ दर्द और हाथ-पैरों में कमजोरी हो सकती है।

किडनी स्टोन

कुछ लोगों में किडनी स्टोन में भी लोअर बैक में पेन देखा जाता है। पीठ के निचले भाग में बहुत तेज दर्द होना या रुक-रुक कर दर्द होना, इसके साथ ही यूरिन पास होने में दिक्कत, किडनी स्टोन यानी गुर्दे में पथरी का संकेत हो सकता है।

ऑस्टियोपोरोसिस 

ये एक ऐसी हेल्थ प्रॉब्लम है जब हड्डियां कमजोर होने लगती हैं। ऑस्टियोपोरोसिस में हड्डियों के फ्रैक्चर होने की आशंका काफी बढ़ जाती है। फिलहाल ये बीमारी ज्यादातर 50 की उम्र के बाद ही देखने को मिलती है। ऑस्टियोपोरोसिस के बढ़ने के साथ ही तेज दर्द की समस्या हो सकती है। इसलिए अगर कमर में दर्द से आराम न मिले तो डॉक्टर से मिलकर जांच करवानी चाहिए।

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