Sana : यमन में मौत की सजा का सामना कर रही भारतीय नर्स निमिषा प्रिया को फिलहाल के लिए राहत मिली है, क्योंकि 16 जुलाई को होने वाली उनकी फांसी को टाला गया है। उनकी जिंदगी अब दो इस्लामिक कानूनों दियाह (ब्लड मनी) या किसास (बराबर सजा) के बीच फंसी हुई है। दरअसल निमिषा प्रिया को अपने पूर्व बिजनेस सहयोगी और यमनी नागरिक तलाल अब्दो महदी की हत्या के जुर्म में मौत की सजा सुनाई गई है। अब तलाल के भाई अब्देल फतेह महदी ने निमिषा प्रिया के लिए किसास की मांग की है, जिसका अर्थ है कि वह फांसी की सजा पर अमल चाहते हैं।
दो इस्लामिक कानूनों के बीच फंसी भारतीय नर्स की जिन्दगी

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