Ranchi News : जीएसटी को लेकर 03-04 सितम्बर को जीएसटी काउंसिल की होनेवाली बैठक के पूर्व दिल्ली में हुए 08 राज्यों की बैठक में झारखंड सरकार की ओर से शामिल हुए वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने झारखंड का पक्ष रखते हुए कहा कि हेमन्त सोरेन के नेतृत्व में झारखंड सरकार सम्पूर्ण राज्य का विकास चाहती है। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना झारखंड सरकार की प्राथमिकता है। जीएसटी के लागू होने से उत्पादक राज्य होने के कारण झारखंड को भारी आर्थिक क्षति हो रही है। किशोर ने कहा, ‘मेरे व्यक्तिगत अध्ययन के आधार पर प्रति वर्ष 03-04 हजार करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है।’
वित्त मंत्री राधाकृष्ण ने कहा कि भारत देश इसलिए मजबूत है, क्योंकि हमारे देश की सामाजिक-आर्थिक व्यवस्था मजबूत है। संशोधित जीएसटी दर लागू की जाने से सभी राज्यों के साथ-साथ देश को भी नुकसान उठाना पड़ेगा। इसका असर जीडीपी पर भी पड़नेवाला है।
बैठक में किशोर ने कहा कि जीएसटी के लागू होने से आर्थिक क्षति भाजपा शासित प्रदेशों को भी होगी। यह दूसरी बात है कि केन्द्र में भाजपा नीत सरकार होने के कारण यह राज्य खुल कर बोल पाने की स्थिति में नहीं है। गैर भाजपा शासित 08 राज्य तभी के वित्त मंत्रियों ने बैठक में यह तय किया कि आगामी 03-04 सितम्बर को दिल्ली में होनेवाली जीएसटी की बैठक में केन्द्र सरकार से यह मांग करेंगे कि जीएसटी की संशोधित दर के निर्धारण से झारखंड जैसे राज्यों को होनेवाली आर्थिक क्षति की भरपाई केन्द्र आर्थिक मुआवजा देकर तब तक करे, जब तक कि राज्यों के राजस्व सुदृढ़ ना हो जायें।
वित्त मंत्री राधाकृष्ण ने बैठक में कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा जीएसटी में प्रस्तावित दर से आम उपभोक्ताओं को कोई फायदा नहीं होनेवाला है।
झारखंड सहित गैर भाजपा शासित राज्य जीएसटी के मुद्दे पर केन्द्र सरकार के रबर स्टाम्प नहीं बनेंगे : राधाकृष्ण किशोर

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