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झारखंड में बनी मतदाता सूची के विरुद्ध एक भी अपील दायर नहीं हुई, यह एक सराहनीय उपलब्धि : ज्ञानेश

झारखंड में बनी मतदाता सूची के विरुद्ध एक भी अपील दायर नहीं हुई, यह एक सराहनीय उपलब्धि : ज्ञानेश

मतदाता सूची को शत प्रतिशत संतुष्टि के करीब बनायें, ताकि इसकी चमक हीरे की तरह बनी रहे

New Delhi : भारत के मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने सोमवार को नयी दिल्ली स्थित भारत अंतर्राष्ट्रीय लोकतंत्र एवं निर्वाचन प्रबंधन संस्थान (आईआईआईडीईएम) में झारखण्ड के बूथ लेवल अधिकारियों (इछड२), बीएलओ पर्यवेक्षकों, निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (एफड२), जिला निर्वाचन अधिकारियों (ऊएड२) एवं बूथ जागरूकता समूह/ बूथ स्तरीय स्वयंसेवकों (इछश्२) के लिए आयोजित दो-दिवसीय क्षमता-निर्माण प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन किया।

मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग भारत के संविधान, लोक प्रतिनिधित्व नियम 1950, निर्वाचन के नियमावली आदि में वर्णित दिशा-निर्देशों का अनुपालन करता है। उन्होंने कहा कि विभिन्न राज्यों के भ्रमण के क्रम में, वहां के जमीनी स्तर पर कार्य कर रहे कर्मियों की कार्यशैली को देखने का अवसर मिला, जिससे प्रभावित होकर एक पहल की गयी है, जिसके तहत देश के विभिन्न राज्यों के बीएलओ को दिल्ली बुला कर ट्रेनिंग देने का कार्य किया जा रहा है।

मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि झारखण्ड भ्रमण के दौरान दशम जलप्रपात की बीएलओ दीदियों से मिलने का मौका प्राप्त हुआ, उनकी निर्वाचन से संबंधित अपने विषयों की जानकारी अत्यन्त ही प्रभावशाली है। उन्होंने झारखंड में निर्वाचन से संबंधित सभी स्टेकहोल्डर्स के कार्यों की सराहना की। साथ ही, कहा कि विगत के मतदाता पुनरीक्षण कार्यक्रमों के उपरांत झारखंड में बने मतदाता सूची के विरुद्ध एक भी अपील दायर नहीं हुई है। यह एक सराहनीय उपलब्धि है, लेकिन हमें इस ओर भी सभी मतदाताओं को शिक्षित करना है कि यदि मतदाता सूची से वह किसी प्रकार से असहमत हैं, तो वह जिला निर्वाचन पदाधिकारी के समक्ष अपील कर सकते हैं एवं उनके निर्णय के विरुद्ध मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के स्तर पर भी अपील की जा सकती है। उन्होंने कहा कि हमें सभी लोगों को शिक्षित करते हुए मतदाता सूची को शत प्रतिशत संतुष्टि के साथ निर्मित करना है, जिससे इसकी चमक हीरे की तरह बनी रहे।

प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण का एक उद्देश्य यह भी है कि मतदाताओं के बीच मतदान प्रक्रिया एवं ईवीएम के प्रति किसी प्रकार की गलत धारणा को  दूर किया जा सके। ईवीएम एवं विविपैट का मिलान 5 करोड़ बार से भी अधिक किया गया है लेकिन आज तक एक भी गलती नहीं मिली है यह पूरी तरह से सुरक्षित एवं वही परिणाम देता है जो मतदाता चाहते है।

ज्ञानेश कुमार ने कहा कि चुनाव आयोग निर्वाचन के समय  डेपुटेशन पर अन्य लोगों को समाहित करते हुए दुनिया की सबसे बड़ी संस्था बन जाती है और 10.5 लाख मतदान केन्द्रों पर एक जैसी प्रक्रिया में मतदान सम्पन्न कराती है। मतदान के साथ साथ मतदाता सूची को बनाने के लिए सभी 10.5 लाख बीएलओ एवं राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट साथ में सामंजस्य स्थापित करते हुए कार्य करते हैं।

दो दिवसीय कार्यक्रम के पहले दिन प्रतिभागियों को योगाभ्यास, ग्रुप फोटोग्राफ, चुनाव विशेषज्ञ डॉ.  शशि शेखर रेड्डी, श्री देव दास दत्ता श्री चंद किशोर शर्मा, श्री प्रभास दत्ता द्वारा निर्वाचन प्रक्रिया से संबंधित विभिन्न विषयों पर बिंदुवार प्रशिक्षण देने का कार्य किया गया।

इस अवसर पर महानिदेशक कककऊएट राकेश कुमार वर्मा, वरीय उप निर्वाचन आयुक्त मनीष गर्ग, उप निर्वाचन आयुक्त श्री अजीत कुमार, उप निर्वाचन आयुक्त श्री संजय कुमार, मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी झारखंड श्री के. रवि कुमार सहित झारखंड के निर्वाचन से संबंधित विभिन्न स्टेकहोल्डर उपस्थित रहे।

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