रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने वर्चुअली लखनऊ में ब्रह्मोस उत्पादन यूनिट का किया उद्घाटन
Lucknow news : उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के डिफेंस कॉरिडोर में ‘ब्रह्मोस‘ एयरोस्पेस इंटीग्रेशन एंड टेस्टिंग फैसिलिटी का शुभारम्भ रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने वर्चुअली किया। रक्षा मंत्री ने सरहद पार बैठे आतंकियों और उनके आकाओं को चेतावनी दी कि भारत के एक्शन से वहां बैठ कर भी सुरक्षित नहीं रहोगे।
तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई की सरकार के समय 11 मई 1998 में पोखरण में परमाणु परीक्षण को याद करते हुए रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि आज से 27 वर्ष पूर्व 11 मई को पोखरण से जो आत्मविश्वास प्रारम्भ हुआ था, वह आज लखनऊ में ब्रह्मोस एयरोस्पेस एकीकरण और परीक्षण सुविधा के उद्घाटन के अवसर पर और मजबूत हो रहा है। रक्षा मंत्री ने कहा कि जिन भारत विरोधी और आतंकी संगठनों ने हमला करके कई परिवारों के सिन्दूर मिटाये थे, उन्हें भारतीय सेना ने ‘आपरेशन सिन्दूर’ के माध्यम से इंसाफ दिलाने का काम किया है। इसके लिए पूरा देश भारतीय सेनाओं का अभिनन्दन कर रहा है। उन्होंने कहा कि आपरेशन सिन्दूर सिर्फ एक सैन्य कार्रवाई भर नहीं है, बल्कि भारत की राजनीतिक, सामाजिक और सामरिक शक्ति का प्रतीक है। यह आॅपरेशन आतंकवाद के खिलाफ भारत की दृढ़ इच्छा शक्ति और सैन्य शक्ति और क्षमता का प्रतीक है। हमने दिखाया है कि भारत जब भी आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई करेगा, तो आतंकवादियों और उनके आकाओं के लिए सरहद पार की जमीन भी सुरक्षित नहीं रहेगी।
रक्षामंत्री सिंह ने कहा कि भारतीय सेना ने ‘आपरेशन सिन्दूर’ पाकिस्तान में मौजूद आतंकी ढांचा ढाहने के उद्देश्य से चलाया गया था। इस अभियान के दौरान हमने उनके आम नागरिकों को निशाना नहीं बनाया था। मगर, पाकिस्तान ने न केवल भारत के नागरिक इलाकों को निशाना बनाया, बल्कि मंदिर, गुरुद्वारा और गिरिजाघर पर भी हमले करने का प्रयास किया। रक्षा मंत्री ने कहा कि भारतीय सेना ने शौर्य और पराक्रम के साथ-साथ संयम का भी परिचय देते हुए पाकिस्तान के अनेक सैन्य ठिकानों पर प्रहार करके करारा जवाब दिया है। हमने सीमा से सटे सैन्य ठिकानों पर तो कार्रवाई की ही, भारत की सेनाओं की धमक उस रावलपिंडी तक सुनी गयी, जहां पाकिस्तानी फौज का हेडक्वार्टर मौजूद है। उन्होंने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर चलते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्पष्ट कर दिया है कि यह नया भारत, है जो आतंकवाद के खिलाफ सरहद के इस पार और उस पार ; दोनों तरफ प्रभावी कार्रवाई करेगा।
रक्षा मंत्री ने लखनऊ के डिफेंस कॉरिडोर में ‘ब्रह्मोस‘ एयरोस्पेस इंटीग्रेशन एंड टेस्टिंग फैसिलिटी के शुभारम्भ के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत इससे जुड़े सभी लोगों को बधाई दी। इस मौके पर उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, औद्योगिक मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी, सांसद बृजलाल, विधायक राजेश्वर सिंह, सीएम योगी के प्रधान सलाहकार अवनीश कुमार अवस्थी, मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह, डीआरडीओ के सचिव, प्रोजेक्ट डायरेक्टर आदि उपस्थित रहे।
300 करोड़ रुपये के निवेश से तैयार हुई है यह यूनिट
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ड्रीम परियोजना डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर में ब्रह्मोस एयरोस्पेस की यह यूनिट 300 करोड़ रुपये के निवेश से तैयार हुई है। योगी सरकार ने दिसम्बर 2021 में ब्रह्मोस प्रोजेक्ट के लिए लखनऊ में 80 हेक्टेयर भूमि नि:शुल्क आवंटित की थी। सिर्फ 3.5 वर्षों में इस परियोजना को निर्माण से उत्पादन की अवस्था तक पहुंचाना एक बड़ी उपलब्धि है। इस फैक्टरी के शुभारम्भ के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘ब्रह्मोस’ एयरोस्पेस इंटीग्रेशन एंड टेस्टिंग फैसिलिटी की फैक्टरी का भ्रमण किया। इस दौरान अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को मिसाइल बनाने की प्रक्रिया और तकनीक की जानकारी दी।



