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आईपीयू के एमबीए प्रोग्राम के लिए कैट से भरे गये फॉर्म में आज तक संशोधन का मौका

आईपीयू के एमबीए प्रोग्राम के लिए कैट से भरे गये फॉर्म में आज तक संशोधन का मौका

नयी दिल्ली : गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी (आईपीयू) के एमबीए प्रोग्राम में दाखिले के लिए कैट स्कोर से भरे गए फॉर्म में 03 मई तक किसी भी तरह का संशोधन किया जा सकता है।

यूनिवर्सिटी की दाखिला प्रक्रिया के निदेशक प्रो. उदयन घोष ने शुक्रवार को बताया कि फॉर्म में संशोधन का विंडो खुला है और 3 मई तक इसमें ऑनलाइन संशोधन किया जा सकता है।

उन्होंने बताया कि कैट स्कोर के आधार पर यूनिवर्सिटी के एमबीए प्रोग्राम में आवेदन की अंतिम तिथि 30 अप्रैल थी। यूनिवर्सिटी अब कैट स्कोर के आधार पर इस प्रोग्राम में दाखिले के लिए काउंसलिंग की प्रक्रिया शुरू करेगी। ऐसे में भरे फॉर्म को अच्छी तरह देख लेना चाहिए। अगर कहीं त्रुटि रह गयी है, तो संशोधन करा लेना चाहिए। कैट 2024 का पंजीकरण नम्बर सही-सही भरा होना चाहिए। इसके अलावा व्यक्तिगत एवं शैक्षणिक विवरण भी सही-सही भरा होना चाहिए।

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अश्लीलता को बढ़ावा देनेवाले उल्लू ऐप पर एनसीडब्ल्यू सख्त, सीईओ और होस्ट को किया तलब

नयी दिल्ली : राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) ने उल्लू ऐप के नवीनतम वेब शो हाउस अरेस्ट से बेहद परेशान करनेवाली मीडिया रिपोर्टों और वायरल वीडियो सामग्री का स्वत: संज्ञान लिया है। मामले को अत्यन्त गम्भीरता से लेते हुए एनसीडब्ल्यू ने उल्लू ऐप के सीईओ विभु अग्रवाल और एजाज खान को 09 मई को आयोग के समक्ष पेश होने के लिए नोटिस जारी की है।
आयोग ने शुक्रवार को बताया कि 29 अप्रैल को शो का एक छोटा क्लिप वायरल हुआ है, जिसमें होस्ट एजाज खान महिला प्रतिभागियों को कैमरे पर निजी, अंतरंग स्थितियों को निभाने के लिए मजबूर करते हुए दिखाई दे रहे हैं। उनकी असुविधा और साफ तौर पर इनकार के बावजूद वह ऐसा करते दिखाई दे रहे थे। कथित तौर पर प्रतियोगियों को आगे कपड़े उतारने और स्क्रीन पर अश्लील हरकतें करने के लिए कहा गया था। इस तरह की अश्लील सामग्री न केवल महिलाओं की गरिमा का उल्लंघन करती है, बल्कि ऑनलाइन मनोरंजन के लिए एक अत्यन्त प्रतिगामी और हानिकारक मिसाल भी स्थापित करती है।
आयोग का मानना है कि इन कृत्यों की प्रकृति यदि सत्य पायी जाती है,तो भारतीय न्याय संहिता-2023 और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम-2000 के तहत गंभीर दंडात्मक प्रावधानों के तहत अपराध है। आयोग ने बताया कि पहले भी कंटेंट क्रिएटर रणवीर अल्लाहबादिया से जुड़े मामले में कड़ा रुख अपनाया था। इस बात पर जोर दिया था कि मीडिया हस्तियों को ऐसी सामग्री के लिए जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए, जो महिलाओं की गरिमा को कम करती है।
आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने कहा कि कोई भी मीडिया सामग्री, जो महिलाओं के प्रति द्वेष को बढ़ावा देती है, महिलाओं को समझौता करने की स्थिति में मजबूर करती है या नैतिक सीमाओं की अवहेलना करती है, उसे बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। एनसीडब्ल्यू सभी मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म से सामाजिक जिम्मेदारी निभाने और यह सुनिश्चित करने का आग्रह करता है कि उनकी सामग्री कानून, शालीनता और महिलाओं के सम्मान के अनुरूप हो।
आयोग सतर्क रहेगा और जहां भी सामग्री निर्माण या डिजिटल मनोरंजन के नाम पर महिलाओं की गरिमा से समझौता किया जाता है, वहां सख्त कार्रवाई की जायेगी।

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तकनीक और परम्परा को साथ लेकर चलना जरूरी : डाॅ. जयशंकर

  • वेव्स सम्मेलन में विदेश मंत्री ने उभरती तकनीकों के जिम्मेदार उपयोग पर दिया बल

नयी दिल्ली : विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर कहा कि दुनिया भविष्य की ओर बढ़ रही है और इसके साथ आनेवाले परिणामों को समझना आवश्यक है। हर तकनीकी प्रगति अपनी चुनौतियां लेकर आती है और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस भी इससे अलग नहीं है। उन्होंने मुम्बई में आयोजित वर्ल्ड ऑडियो विजुअल एंड एंटरटेनमेंट शिखर सम्मेलन(वेव्स) के वैश्विक मीडिया संवाद सत्र में तकनीकी नवाचारों और उनके सामाजिक प्रभावों को लेकर अपना दृष्टिकोण रखा।
विदेश मंत्री ने उभरती तकनीकों के जिम्मेदार उपयोग की आवश्यकता पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि पूर्वाग्रह को कम करना, कंटेंट को लोकतांत्रिक बनाना और तकनीकी नैतिकता को प्राथमिकता देना आज के समय की अहम जरूरतें हैं। तकनीक और परम्परा को साथ लेकर चलना जरूरी है। तकनीक खासकर युवा पीढ़ी में हमारी विशाल विरासत के प्रति जागरूकता बढ़ा सकती है। नवाचार, विकसित भारत के निर्माण में बड़ी छलांग का आधार है। वैश्विक कार्यस्थल और कार्यबल के लिए सोच, नीति और व्यवहार में बदलाव आवश्यक है। युवा प्रतिभाओं को रचनात्मक संचार, खेल और सहयोग के युग के लिए तैयार करना जरूरी है, जिसमें कौशल का प्रसार अहम होगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि वेव्स मंच वैश्विक मीडिया, मनोरंजन और रचनात्मक क्षेत्रों के प्रमुख मुद्दों पर सार्थक संवाद के लिए एक प्रभावशाली मंच साबित होगा।
डाॅ. जयशंकर ने सभी प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए संवाद के इस दौर को उपयोगी और रचनात्मक बनाने की उम्मीद जतायी। उन्होंने प्रतिभागियों का धन्यवाद करते हुए कहा कि यह मंच आनेवाले वर्षों में तकनीकी दिशा और दृष्टिकोण को नया मार्ग देगा।

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