Categories


MENU

We Are Social,
Connect With Us:


Categories


MENU

We Are Social,
Connect With Us:

☀️
–°C
Fetching location…

PAKISTAN : इमरान सरकार को मिली तीन दिन की और मोहलत, बिना अविश्वास प्रस्ताव के ही सदन की कार्यवाही स्थगित

PAKISTAN : इमरान सरकार को मिली तीन दिन की और मोहलत, बिना अविश्वास प्रस्ताव के ही सदन की कार्यवाही स्थगित

पाकिस्तान की इमरान खान को कुछ और दिनों की मोहलत मिल गई है। पाकिस्तान की संसद में शुक्रवार उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव आना था, लेकिन उसके पहले ही सदन की कार्यवाही स्थगित हो गई है। अब 28 फरवरी को सत्र का आयोजन होगा। इसका सीधा अर्थ हुआ कि इमरान खान को अपनी सरकार बचाने के लिए तीन दिन की और मोहलत हो गई है। इस सत्र के दौरान पाकिस्तान के पीएम इमरान खान की पार्टी के नेता शाह महमूद कुरैशी, शिरीन मजारी, असद उमर और अली मुहम्मद खान भी मौजूद थे। वहीं विपक्ष की ओर से नेता शहबाज शरीफ, पीपीपी के चेयरमैन बिलावल भुट्टो जरदारी और आसिफ अली जरदारी भी नेशनल असेंबली में मौजूद थे।

दिवंगत नेताओं को श्रद्धांजलि देने के बाद सदन की कार्यवाही कर दी गई स्थगित

पाकिस्तान की नेशनल असेंबली में सत्र शुरू होने के साथ ही में दिवंगत नेताओं को श्रद्धांजलि दी गई और सदन की कार्यवाही को अविश्वास प्रस्ताव पेश किए बिना ही स्थगित कर दिया गया। गुरुवार को ही पाकिस्तानी संसद के सचिवालय की ओर से शुक्रवार के लिए 15 सूत्रीय एजेंडा जारी किया गया था। इसमें से एक अविश्वास प्रस्ताव भी था। हालांकि यह पेश नहीं हो सका। सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले पीपीपी के नेता आसिफ अली जरदारी ने कहा था कि यदि आज प्रस्ताव पेश न हुआ तो हंगामा होगा। वहीं विपक्ष के नेता शहबाज शरीफ ने कहा कि हम आज के सत्र में प्रस्ताव पेश करेंगे। यदि ऐसा नहीं हो पाता है तो फिर सभी नेताओं के साथ बैठक करेंगे।

विपक्ष ने 8 मार्च को ही नोटिस दिया था

बता दें कि पाकिस्तान के विपक्षी दलों की ओर से 8 मार्च को अविश्वास प्रस्ताव के लिए नोटिस दिया गया था। नियम के मुताबिक नोटिस मिलने के 14 दिनों के अंदर सत्र बुलाना होता है। इसकी आखिरी तारीख 21 मार्च ही थी, लेकिन सचिवालय ने 25 मार्च को सत्र के आयोजन का फैसला लिया। इसके बाद आज भी प्रस्ताव पेश नहीं हो पाया। गौरतलब है कि इमरान खान के पाकिस्तानी सेना से भी मतभेद की खबरें काफी समय से आती रही हैं। माना जा रहा है कि विपक्ष की एकजुटता के पीछे सेना का भी हाथ है, जो उसे लगातार प्रोत्साहित कर रही है।

Share this:

Latest Updates