▪︎ इस कार्यशाला में 1,200 से अधिक महिला पंचायत प्रतिनिधि लेंगी भाग
▪︎ कार्यक्रम में लिंग आधारित हिंसा पर कानून की पुस्तिका का होगा विमोचन
New Delhi News: पंचायती राज मंत्रालय की ओर से पंचायतीराज संस्थाओं की महिला निर्वाचित प्रतिनिधियों के लिए एक राष्ट्रीय कार्यशाला आयोजित की जा रही है। नयी दिल्ली के विज्ञान भवन में 04 मार्च 2025 को होनेवाली ‘सशक्त पंचायत – नेत्री अभियान’ आरम्भ होगा।
इस कार्यक्रम में केन्द्रीय पंचायती राज मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह, केन्द्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी, केन्द्रीय पंचायती राज राज्यमंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल और केन्द्रीय युवा कार्यक्रम और खेल राज्यमंत्री रक्षा निखिल खडसे उपस्थित रहेंगी। इसके अलावा पंचायती राज मंत्रालय के सचिव विवेक भारद्वाज, पंचायती राज मंत्रालय के अपर सचिव सुशील कुमार लोहानी के साथ विभिन्न मंत्रालयों, विभागों, एसआईआरडी एंड पीआर और यूएनएफपीए, टीआरआईएफ जैसे अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे।
पैनल चर्चा- ‘पीआरआई में महिलाओं की भागीदारी और नेतृत्व : स्थानीय स्वशासन में भूमिका में बदलाव’
मंत्रालय के अनुसार इस राष्ट्रीय कार्यशाला में स्थानीय शासन में महिलाओं की भागीदारी से सम्बन्धित महत्त्वपूर्ण विषयों पर पैनल चर्चाएं होंगी। इसमें ‘पीआरआई में महिलाओं की भागीदारी और नेतृत्व : स्थानीय स्वशासन में भूमिका में बदलाव’ भी शामिल है। इन चर्चाओं की अध्यक्षता करनेवाले वरिष्ठ अधिकारियों में देबाश्री मुखर्जी, सचिव, जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण विभाग, और अलका उपाध्याय, सचिव, पशुपालन और डेयरी विभाग शामिल हैं, जो इन महत्त्वपूर्ण चर्चाओं में अपनी विशेषज्ञता से लाभान्वित करेंगी। यूएनएफपीए द्वारा आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों में महिलाओं की उपलब्धियों के बारे में बताया जायेगा। इस कार्यशाला को इन कार्यक्रमों से समाज में महिलाओं के योगदान को दर्शान वाली समृद्ध विरासत का एक नया आयाम मिलेगा।
पंचायती राज मंत्रालय की ‘सशक्त पंचायत-नेत्री अभियान’ एक महत्त्वपूर्ण पहल है
उल्लेखनीय है कि पंचायती राज मंत्रालय की ‘सशक्त पंचायत-नेत्री अभियान’ एक महत्त्वपूर्ण पहल है, जिसका उद्देश्य पूरे देश में पंचायती राज संस्थाओं की महिला निर्वाचित प्रतिनिधियों के लिए क्षमता निर्माण को सशक्त करना है। यह उनकी नेतृत्व क्षमता, निर्णय लेने की क्षमताओं को बढ़ाने और जमीनी स्तर पर शासन में उनकी भूमिका को मजबूत करने पर केन्द्रित है। ग्रामीण महिला निर्वाचित प्रतिनिधियों की नेतृत्व क्षमता को बढ़ाने और निर्णय लेने में उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए पंचायती राज मंत्रालय ने एक रणनीति तैयार की है।
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस से पहले होनेवाली कार्यशाला में अलग-अलग पृष्ठभूमि से 1,200 से अधिक पंचायत महिला नेता भाग लेंगी। इस कार्यशाला में महिला निर्वाचित प्रतिनिधियों की क्षमता निर्माण के लिए विशिष्ट प्रशिक्षण मॉड्यूल का भी शुभारम्भ किया जायेगा। साथ ही, पंचायत निर्वाचित प्रतिनिधियों के लिए लिंग आधारित हिंसा और हानिकारक प्रथाओं से निपटने के लिए कानून पर भी प्रशिक्षण दिया जायेगा।



