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Foreword Action : आर्मी लैंड घोटाले में इसी माह दाखिल हो सकती है चार्जशीट 

Foreword Action : आर्मी लैंड घोटाले में इसी माह दाखिल हो सकती है चार्जशीट 

Jharkhand Update News, Ranchi, Bariatu Army Land Scam, ED Chargesheet Soon : एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट यानी प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम राजधानी रांची में हुए आर्मी लैंड घोटाले से जुड़े मामले में आरोपियों के खिलाफ जल्द चार्जशीट दाखिल करेगी। इसके लिए टीम ने तैयारी पूरी कर ली है। बताया जा रहा है कि इस महीने के दूसरे सप्ताह में चार्जशीट दाखिल हो सकती है।

इनके खिलाफ दाखिल होगी चार्जशीट

ईडी की चार्जशीट में जमीन के कागजातों में हेरफेर के आरोपी अफसर अली, इम्तियाज, तलहा खान, भानू प्रसाद समेत सभी सात आरोपियों के नाम शामिल होंगे, जिन्हें ईडी ने 13 अप्रैल को गिरफ्तार किया था। इसी केस में ईडी रांची के पूर्व डीसी छवि रंजन पर भी चार्जशीट दायर करेगी।

नए सिरे से सदर थाने में मामला दर्ज

 जमीन घोटाले से जुड़े मनी लाउंड्रिंग के केस में आरोपी राजस्व उपनिरीक्षक भानू प्रताप प्रसाद पर नए सिरे से रांची पुलिस ने केस दर्ज किया है। गौरतलब है कि 13 अप्रैल को ईडी की टीम ने जब भानू के निजी आवास पर छापेमारी की थी, तब भारी मात्रा में सरकारी दस्तावेज बरामद किए गए थे। इस मामले में बड़गाईं सीओ मनोज कुमार के बयान पर भानू प्रताप प्रसाद के खिलाफ केस संख्या 272/23 दर्ज किया गया है। एफआईआर के मुताबिक, भानू के आवास से 11 ट्रंक डीड पाए गए थे, ये सारे डीड भी कार्यालय के थे। सीओ मनोज कुमार ने इस मामले में सदर पुलिस को दिए आवेदन में संगत धाराओं के तहत केस दर्ज करने का आग्रह किया था। सदर थाने में दर्ज केस में भानू प्रताप प्रसाद के खिलाफ धारा 465, 467, 466, 469, 420, 379, 474 आईपीसी के तहत आरोपी बनाया गया है। केस का अनुसंधान एसआई संजय कुमार करेंगे।

दस्तावेज बता रहे हैं कि इस तरह से किया गया था घपला

ईडी की जांच में यह बात सामने आई है कि बरियातू स्थित सेना की 4.55 एकड़ जमीन बीएम लक्ष्मण राव के नाम पर थी। राव ने सेना को 417 रुपये मासिक किराए पर स्वतंत्रता के ठीक बाद दे दी थी। जालसाजों ने प्रदीप बागची के दादा प्रफुल्ल बागची के नाम पर फर्जी कागजात बनाए। इसके बाद जमीन को अमित अग्रवाल की कंपनी जगतबंधु टी एस्टेट प्राइवेट लिमिटेड को बेच दी। ईडी ने जब कोलकाता के रजिस्ट्रार आफ एश्योरेंस और बड़गाईं अंचल में सर्वे किया तब यह बात सामने आई कि वहां ओरिजनल रजिस्टर को फाड़ दिया गया था। नए पेपर ओवरराइटिंग कर लगा दिए गए थे। एफएसएल गांधीनगर से रजिस्टर की जांच हुई तो टेंपरिंग और पेपर फाड़े जाने, ओवरराइटिंग की पुष्टि हुई। अमित अग्रवाल की कंपनी को सरकारी दर 20 करोड़ से कम महज सात करोड़ में रजिस्ट्री की गई। भुगतान महज 25 लाख ही प्रदीप बागची के खाते में दिखा। इस मामले में 8 लोग गिरफ्तार किए गए हैं। इनमें रांची के पूर्व डीसी छवि रंजन भी शामिल हैं।

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