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वृहत्तर कार्ययोजना बना कर शिशु मृत्यु दर रोकें, उत्तरप्रदेश को बनाएं बेबी फ्रेंडली प्रदेशः डॉ. आर.एन. सिंह

वृहत्तर कार्ययोजना बना कर शिशु मृत्यु दर रोकें, उत्तरप्रदेश को बनाएं बेबी फ्रेंडली प्रदेशः डॉ. आर.एन. सिंह

Gorakhpur news । पूर्वांचल के ख्यातिनाम बाल रोग विशेषज्ञ और मिशन सेव इन इंडिया के संरक्षक डॉ. आर.एन. सिंह ने उत्तर प्रदेश में शिशु मृत्युदर की स्थिति पर चिंता जताई है।
यहां जारी एक बयान में डॉ. आर.एन. सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश में शिशु मृत्यु दर काफी ज्यादा है। इस पर नियंत्रण करना वक्त की जरूरत है।

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश को बेबी फ्रेंडली स्टेट बनाना आज बेहद जरूरी हो गया है। जिस तरीके से शिशु मृत्युदर में उत्तर प्रदेश की स्थिति बिगड़ी है, वह गंभीर है।
उन्होंने कहा कि यह ठीक है कि विगत दशकों में शिशु मृत्यु दर में काफी हद तक सुधार हुआ लेकिन अभी और गंभीर प्रयास करने की सख्त जरूरत है।

डॉ. सिंह ने कहा कि आर्थिक, सामाजिक और स्वास्थ के इंडिकेटर्स को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। यह सर्वविदित है कि उत्तर प्रदेश मिशन 2047 में अहम भूमिका निभाने जा रहा है। अगर मिशन 2047 में भी उत्तर प्रदेश में शिशु मृत्युदर की यही स्थिति रही तो प्रदेश के ललाट पर एक गहरा धब्बा लग जाएगा।

श्री सिंह ने कहा कि शिशु मृत्यु दर को कम करने या खत्म करने के लिए एक वृहत्तर कार्ययोजना की जरूरत है। न सिर्फ कार्ययोजना वरन उसे अमली जामा पहनाने के लिए एक टीम का गठन किया जाना चाहिए ताकि जन्म के बाद शिशु जीवित रह सके। डॉ. सिंह ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उत्तर प्रदेश के वाराणसी लोकसभा सीट से सांसद हैं। वह जिस राज्य से सांसद हैं, उस राज्य में शिशु मृत्यु दर की शोचनीय स्थिति गंभीर सवाल खड़े करती है।

उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी वर्तमान प्रधानमंत्री हैं। पंडित जवाहर लाल नेहरू, लाल बहादुऱ शास्त्री, इंदिरा गांधी, मोरारजी देसाई, चौधरी चरण सिंह, राजीव गांधी, विश्वनाथ प्रताप सिंह, चंद्रशेखर जैसे प्रधानमंत्री उत्तर प्रदेश से ही लड़ कर लोकसभा में गए और उस राज्य की स्थिति ऐसी है कि बच्चे जन्म ले रहे हैं और मृत्यु को प्राप्त हो जा रहे हैं।

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