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किसानों को उनकी उपज खरीद का भुगतान होने में देरी नहीं होना चाहिए : शिवराज सिंह

किसानों को उनकी उपज खरीद का भुगतान होने में देरी नहीं होना चाहिए : शिवराज सिंह

नयी दिल्ली : केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने देश के कृषि क्षेत्र की प्रगति के संबंध में सोमवार को कृषि भवन में समीक्षा बैठक की और वरिष्ठ अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। शिवराज ने किसानों से चना, मसूर, उड़द एवं अरहर की खरीद के संबंध में निर्देश देने के साथ ही अधिकारियों से कहा कि ऐसी व्यवस्था की जानी चाहिए, जिससे कि किसानों को उनकी उपज खरीद का भुगतान होने में देरी नहीं हो। उन्होंने मीडिया को बताया कि देश में चावल और गेहूं का वास्तविक स्टॉक बफर मानक के मुकाबले काफी ज्यादा है। समीक्षा बैठक में शिवराज ने इस बात पर संतोष के साथ ही प्रसन्नता व्यक्त की कि चावल-गेहूं का वास्तविक स्टॉक, बफर मानक के मुकाबले ज्यादा है।

चावल का वास्तविक स्टॉक 135.80 एलएमटी के बफर मानक के मुकाबले 389.05 एलएमटी है। गेहूं का वास्तविक स्टॉक 74.60 एलएमटी के बफर मानक के मुकाबले 177.08 एलएमटी है। इस प्रकार चावल व गेहूं का वास्तविक स्टॉक 210.40 एलएमटी के बफर मानक के मुकाबले 566.13 एलएमटी है। गेहूं के लिए प्रमुख राज्य उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान व बिहार हैं। कटाई की स्थिति 2 मई 2025 तक मध्यप्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, गुजरात में 100 प्रतिशत, उत्तरप्रदेश में 94 प्रतिशत, पंजाब में 97 प्रतिशत एवं बिहार 96 प्रतिशत गेहूं की कटाई पहले ही हो चुकी है।

बैठक में शिवराज सिंह ने चना, मसूर, उड़द व अरहर की खरीद के संबंध में अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए इस संबंध में राज्यों को विशेष जोर देने को कहा, ताकि किसानों को अधिक से अधिक लाभ मिल सके।

 चौहान ने एमएसपी पर खरीद व किसानों को होने वाले भुगतान के बीच के समय अंतराल को और कम करने की बात कहते हुए निर्देशित किया कि उपज खरीद के बाद किसानों को जल्द से जल्द भुगतान हो सके, इसके लिए ओर सुद्ढ़ व्यवस्था होना चाहिए।

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