Bhuvneshwar news : यूनेस्को के अंतर सरकारी समुद्र विज्ञान आयोग (आईओसी-यूनेस्को) ने ओडिशा के छह जिलों के 24 गांवों ‘सुनामी रेडी’ के रूप में मान्यता दी है। मतलब वर्षों से सुनामी का सामना कर रहे ये गांव अब तकनीकी तौर पर और भी मजबूती से तूफान का मुकाबला करेंगे। यह मान्यता 12 विशिष्ट संकेतकों पर प्रदान की गई है, जिनमें संबंधित गांवों के ग्रामीणों के लिए प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण, सामुदायिक जागरूकता कार्यक्रम, सुनामी जागरूकता सामग्रियों का वितरण, सुनामी प्रबंधन योजनाएं तैयार करना, मॉक ड्रिल आयोजित करना, निकासी मार्गों की पहचान, होर्डिंग और साइनेज स्थापित करना शामिल हैं।
छह तटीय जिलों से जुड़ें हैं ये सुनामी रेडी गांव
भारतीय राष्ट्रीय महासागर सूचना सेवा केंद्र (आइएनसीओआइएस), हैदराबाद ने सुनामी रेडी गांव की परिकल्पना को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आइएनसीओआइएस 24 घंटे सुनामी निगरानी और चेतावनी प्रणाली संचालित करता है, जिसमें जोखिम मूल्यांकन से लेकर चेतावनियों के प्रसार तक सब कुछ शामिल है, जिससे समय पर और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित हो सके। सुनामी रेडी 24 गांवों की संबद्धता ओडिशा के बालासोर, भद्रक, केंद्रपाड़ा, जगतसिंहपुर, पुरी और गंजम जिलों से है।
सितंबर में अधिकारियों ने किया था गांव का दौरा, नवंबर में मिली मान्यता
ओडिशा के 24 तटीय गांवों को यूनेस्को के अंतर-सरकारी समुद्र विज्ञान आयोग द्वारा ‘सुनामी तैयार’ के रूप में मान्यता दी गई है। एक यह मान्यता 11 नवंबर को इंडोनेशिया में आयोजित द्वितीय वैश्विक सुनामी संगोष्ठी के दौरान दी गई। इससे पूर्व राष्ट्रीय सुनामी तैयारी मान्यता बोर्ड के सदस्यों में शामिल भारतीय राष्ट्रीय महासागर सूचना सेवा केन्द्र के वैज्ञानिक और एनडीएमए के अधिकारी ने 12 संकेतकों के सत्यापन के लिए इन तटीय गांवों का सितंबर में दौरा किया था और संबंधित रिपोर्ट सौंपी थी।



