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अमेरिका का डैमेज कंट्रोल:भारत साथ रिश्ते रीसेट करने को तैयार

अमेरिका का डैमेज कंट्रोल:भारत साथ रिश्ते रीसेट करने को तैयार

▪︎ ट्रम्प ने कहा : हमेशा मोदी का दोस्त रहूंगा

▪︎मोदी ने कहा: उनके विचारों की सराहना करता हूं
Washington / New Delhi News: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की तारीफ करते हुए उन्हें अपना दोस्त और एक महान प्रधानमंत्री कहा है। उन्होंने भारत-अमेरिका के रिश्ते को बहुत खास सम्बन्ध बताया। उन्होंने खुल कर कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी उनके हमेशा दोस्त रहेंगे। उन्होंने भरोसा दिलाया कि भारत और अमेरिका के रिश्तों को लेकर किसी को भी चिन्ता करने की जरूरत नहीं है।

हालांकि, ट्रम्प ने यह भी कहा कि उन्हें इस वक्त प्रधानमंत्री मोदी के कुछ कदम पसंद नहीं आ रहे हैं। इसके बावजूद दोनों देशों के रिश्तों में कोई दरार नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि वह भारत के साथ रिश्तों को फिर से मजबूत करने के लिए हमेशा तैयार हैं। ट्रम्प ने कहा कि मोदी एक महान प्रधानमंत्री हैं। बस, इस वक्त जो वह कर रहे हैं, वह मुझे पसंद नहीं, लेकिन भारत-अमेरिका का रिश्ता बहुत खास है। इसमें चिन्ता की कोई बात नहीं।

ट्रम्प के इस बयान पर पीएम मोदी ने पहली बार प्रतिक्रिया दी है। प्रधानमंत्री ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट करते हुए कहा कि वह राष्ट्रपति ट्रम्प की भावनाओं और सम्बन्धों के सकारात्मक आकलन की गहराई से सराहना करते हैं और पूरी तरह उसका प्रत्युत्तर देते हैं। उन्होंने लिखा कि भारत और अमेरिका के बीच एक सकारात्मक और भविष्य उन्मुख व्यापक और वैश्विक रणनीतिक साझेदारी है।

भारत ने अमेरिका के साथ जारी विवाद के दौरान बेहद संतुलित और परिपक्व रुख अपनाया। ट्रम्प के विवादित और कभी-कभी कठोर बयानों पर भारत ने तीखी प्रतिक्रिया नहीं दी, बल्कि मौन और तर्क के आधार पर अपनी स्थिति स्पष्ट की। प्रधानमंत्री मोदी ने भी संवेदनशीलता और संयम दिखाते हुए बयान दिये, जो तथ्यात्मक और शांतिपूर्ण रहे। भारत का रुख यह रहा कि अमेरिका के साथ उसकी रणनीतिक साझेदारी अहम है, लेकिन अपनी स्वतंत्र विदेश नीति और रणनीतिक स्वायत्तता को बनाये रखना भी उतना ही जरूरी है। मर्यादा की लकीर बनाये रखना भारत की नीति रही है ; यानी रिश्ते गहरे हों, लेकिन सीमाओं और आपसी सम्मान का ध्यान भी रखा जाये।

चीन-अमेरिका संतुलन और भारत की स्थिति
वैश्विक परिदृश्य में भारत, चीन और अमेरिका दोनों के बीच संतुलन बनाये रखने की कोशिश कर रहा है। चीन चाहता है कि भारत उसके साथ जुड़ कर क्षेत्रीय प्रभाव बढ़ाये, जबकि अमेरिका भारत को मजबूत साझेदार के रूप में देखता है। भारत ने अमेरिका के दबावों को मानने के बावजूद अपने कृषि, डेयरी और मत्स्य पालन क्षेत्रों में कोई समझौता नहीं किया, ताकि किसानों के हितों की रक्षा हो सके।

रिश्तों को मजबूत बनाने की पहल

हाल ही में अमेरिकी विदेश मंत्री और अमेरिकी दूतावास ने सितम्बर महीने को भारत-अमेरिका सम्बन्धों को प्रगाढ़ बनाने का माह घोषित किया और लोगों से इस पहल में समर्थन का आह्वान किया। यह कदम दोनों देशों के बीच सम्पर्क बढ़ाने और सकारात्मक माहौल बनाने की कोशिश के रूप में देखा गया। ट्रम्प के बयानों में अक्सर उतार-चढ़ाव देखने को मिले हैं। कभी उन्होंने भारत की तारीफ की, तो कभी आलोचना की, जिससे रिश्तों में तनाव पैदा हुआ, लेकिन भारत ने इन उतार-चढ़ावों से प्रभावित होने के बजाय अपनी रणनीति में स्थिरता बनाये रखी।

बैकफुट पर ट्रम्प
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प शुक्रवार को भारत के खिलाफ दिये गये अपने बयान पर करीब 12 घंटों के अन्दर ही बैकफुट पर चले गये। उन्होंने शाम 06-07 बजे के बीच व्हाइट हाउस में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एक सवाल पर कहा, ‘मैं हमेशा मोदी का दोस्त रहूंगा। भारत के साथ सम्बन्धों को रीसेट करने के लिए हमेशा तैयार हूं। इससे पहले शुक्रवार सुबह करीब 06 बजे उन्होंने सोशल मीडिया ‘ट्रुथ’ पर लिखा था, ‘ऐसा लगता है कि हमने भारत और रूस को चीन के हाथों खो दिया है। उम्मीद है, उनका भविष्य अच्छा होगा। वहीं, शनिवार को पीएम मोदी ने ट्रम्प के बयान को शेयर करते हुए ‘एक्स’ पर लिखा- राष्ट्रपति ट्रम्प की भावनाओं और हमारे सम्बन्धों को लेकर उनके विचारों की तहे दिल से सराहना करता हूं और उनका पूर्ण समर्थन करता हूं।’ उन्होंने कहा, ‘भारत-अमेरिका के बीच एक पॉजिटिव और दूरदर्शी रणनीतिक साझेदारी है। प्रेस ब्रीफिंग में ट्रम्प ने भारत और दूसरे देशों के साथ चल रही व्यापार बातचीत को अच्छा बताया, लेकिन यूरोपीय संघ के गूगल पर 3.5 अरब डॉलर का जुर्माना लगाने पर नाराजगी जतायी। इसके अलावा उन्होंने साफ किया कि वह भारत के रूसी तेल खरीदने के कारण निराश हैं। उन्होंने कहा, ‘हमने भारत पर इसके लिए 50 प्रतिशत का भारी टैरिफ लगाया है।’

मोदी अमेरिका के साथ साझेदारी को देते हैं खास महत्त्व
पीएम मोदी की ट्रम्प को लेकर दी गयी प्रतिक्रिया पर विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने कहा कि पीएम मोदी अमेरिका के साथ हमारी साझेदारी को बहुत महत्त्व देते हैं। जहां तक राष्ट्रपति ट्रम्प का सवाल है, उनके (पीएम मोदी) ट्रम्प के साथ हमेशा से बहुत अच्छे व्यक्तिगत रिश्ते रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि फिलहाल मुद्दा यह है कि हम अमेरिका के साथ जुड़े हुए हैं। जयशंकर ने इससे ज्यादा कुछ भी कहने से इनकार किया।

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