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सबसे पहले नदी जल का महत्त्व बाबा साहब ने समझा, कांग्रेस ने कभी उन्हें क्रेडिट नहीं दिया : प्रधानमंत्री

सबसे पहले नदी जल का महत्त्व बाबा साहब ने समझा, कांग्रेस ने कभी उन्हें क्रेडिट नहीं दिया : प्रधानमंत्री

▪︎ प्रधानमंत्री ने केन-बेतवा लिंक परियोजना का किया शिलान्यास

▪︎ वाजपेयी की स्मृति में डाक टिकट और सिक्का भी किया जारी

Bhopal News : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि भारत के लिए नदी जल का महत्त्व सबसे पहले बाबा साहब आम्बेडकर ने समझा। भारत में जो नदी घाटी परियोजनाएं बनीं, इसके पीछे उन्हीं का विजन था, लेकिन कांग्रेस ने कभी बाबा साहब को इसका श्रेय नहीं दिया। कांग्रेस की सरकारों ने उनके इस योगदान के लिए किसी को पता नहीं चलने दिया। उन्होंने कहा कि कई राज्यों के बीच नदी जल को लेकर विवाद चल रहा है। जिस समय कांग्रेस की सरकार थी, वह इस विवाद को सुलझा सकती थी, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। अटलजी की सरकार ने पानी से जुड़ीं समस्याओं के निराकरण के लिए प्रयास किया, लेकिन उनकी सरकार जाते ही कांग्रेस ने इसे ठंडे बस्ते में डाल दिया।

भारत-रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की 101वीं जयंती पर आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे
प्रधानमंत्री मोदी बुधवार को मप्र के खजुराहो में पूर्व प्रधानमंत्री भारत-रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की 101वीं जयंती पर आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कार्यक्रम में केन-बेतवा लिंक परियोजना का शिलान्यास किया। इसके साथ उन्होंने ओंकारेश्वर फ्लोटिंग सोलर पावर प्लांट का उद्घाटन किया। इस मौके पर पूर्व प्रधानमंत्री वाजपेयी के जीवन पर आधारित एक लघु फिल्म का प्रदर्शन किया गया। प्रधानमंत्री ने अटल जी की स्मृति में डाक टिकट और सिक्का भी जारी किया।
प्रधानमंत्री ने कार्यक्रम में अपने सम्बोधन की शुरुआत बुंदेलखंडी भाषा से की। उन्होंने कहा कि आज पूरे विश्व में क्रिसमस की धूम है। मैं देश और दुनिया भर में उपस्थित ईसाई समुदाय को क्रिसमस की ढेर सारी बधाई देता हूं। मोहन यादव के नेतृत्व में भाजपा सरकार का एक साल पूरा हुआ है। मध्य प्रदेश के लोगों को, भाजपा के कार्यकतार्ओं को मैं बहुत-बहुत बधाई देता हूं। इस एक वर्ष में मध्य प्रदेश में विकास को नयी गति मिली है। आज भी यहां हजारों करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं की शुरुआत हुई है। आज ऐतिहासिक केन बेतवा लिंक परियोजना का शिलान्यास हुआ है। ओंकारेश्वर फ्लोटिंग सोलर प्लांट का भी लोकार्पण हुआ है और यह मध्य प्रदेश का पहला फ्लोटिंग सोलर प्लांट है।

अटल जी की जयंती का पर्व, सुशासन की हमारी प्रेरणा का भी पर्व है
प्रधानमंत्री ने कहा कि आज अटल जी की जयंती है। आज अटल जी के जन्म के सौ साल हो रहे हैं। अटल जी की जयंती का यह पर्व, सुशासन की हमारी प्रेरणा का भी पर्व है। देश में जब-जब भाजपा को जहां-जहां सेवा करने का मौका मिला है, हमने पुराने रिकॉर्ड तोड़ कर काम किया है। आजादी के दिवानों ने जो सपने देखे थे, उन्हें साकार करने के लिए हम दिन रात पसीना बहा रहे हैं। अतीत में कांग्रेस सरकारें, घोषणाएं करने में माहिर हुआ करती थीं। घोषणाएं करना, फीता काटना, दीया जलाना, अखबार में तस्वीर छपवा देना… उनका (कांग्रेस) काम वहीं पूरा हो जाता था और उसका फायदा लोगों को नहीं मिल पाता था। उन्होंने कहा कि मप्र में 1100 से अधिक अटल ग्राम सेवा सदन के निर्माण का काम आज से शुरू हो रहा है। इसके लिए पहली किस्त जारी की गयी है। अटल ग्राम सेवा सदन गांवों के विकास को नयी गति देंगे।

सुशासन भाजपा सरकारों की पहचान है
उन्होंने कहा कि सुशासन का मलतब भी यही है कि अपने ही हक के लिए नागरिकों को सरकार के सामने हाथ न फैलाना पड़े, सरकारी दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें। यही तो शत प्रतिशत लाभार्थी को शत प्रतिशत लाभ से जोड़ने की हमारी नीति है। सुशासन भाजपा सरकारों की पहचान है। देश की जनता ने लगातार तीसरी बार केंद्र में भाजपा की सरकार बनायी। मप्र में आप सभी लगातार भाजपा को चुन रहे हैं। इसके पीछे सुशासन का भरोसा ही सबसे प्रबल है। दशकों तक मध्य प्रदेश के किसानों, माताओं और बहनों ने बूंद-बूंद पानी के लिए संघर्ष किया, क्योंकि कांग्रेस ने कभी जल संकट के स्थाई समाधान के लिए सोचा ही नहीं। जब देश में अटल जी की सरकार बनी, तब उन्होंने पानी से जुड़ी चुनौतियों को हल करने के लिए गम्भीरता से काम शुरू किया था, लेकिन 2004 में जैसे ही कांग्रेस की सरकार बनी, कांग्रेस ने अटल जी के सभी प्रयासों को ठंडे बस्ते में डाल दिया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि आज सात दशक बाद भी देश के अनेक राज्यों के बीच पानी को लेकर कुछ न कुछ विवाद है। जब पंचायत से लेकर पार्लियामेंट तक, कांग्रेस का राज था, तब ये विवाद आसानी से सुलझ सकते थे, लेकिन कांग्रेस की नीयत खराब थी, इसलिए उसने कभी भी ठोस प्रयास नहीं किये। बीता दशक भारत के इतिहास में जल-सुरक्षा और जल संरक्षण के अभूतपूर्व दशक के रूप में याद किया जायेगा। केन्द्र सरकार भी लगातार प्रयास कर रही है कि देश-विदेश के सभी पर्यटकों के लिए सुविधाएं बढ़ें, यहां आना-जाना आसान हो। विदेशी पर्यटकों के लिए हमने ई-वीजा जैसी योजनाएं बनायी हैं।

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