Balrampur : अवैध रूप से धर्मांतरण कराने के मामले में आरोपित गिरफ्तार जमालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा के खिलाफ कार्रवाई तेज हो गयी है। मंगलवार को जिला एवं पुलिस प्रशासन ने छांगुर बाबा की बनी कोठी के अवैध हिस्से पर बुलडोजर चलाना शुरू कर दिशा है। सुरक्षा की लिहाज से कोठी और आसपास भारी संख्या में पुलिस बल तैनात है।
उतरौला तहसीलदार सत्यपाल प्रजापति ने बताया कि जमालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा के मधूपुर स्थित कोठी, जो महिला मित्र नीतू उर्फ नसरिन के नाम पर है। करीब 03 करोड़ रुपये की लागत से 03 बीघा में बनी यह कोठी धर्मांतरण नेटवर्क का अड्डा बनी हुई थी, जिसका खुलासा हाल ही में हुआ है। प्रशासन ने मंगलवार को कार्रवाई सोमवार को कोठी के मुख्य गेट पर नोटिस चस्पा किया था। मंगलवार की सुबह प्रशासनिक अधिकारी और भारी संख्या में पुलिस बल बुलडोजर लेकर छांगुर बाबा की कोठी पर पहुंची। इस मौके पर जिलाधिकारी पवन अग्रवाल भी मौजूद रहे। छांगुर बाबा की इस कोठी पर ताला लगा था, लेकिन अधिकारियों की निगरानी में मुख्य गेट का ताला तोड़कर टीम कोठी के अंदर पहुंची और सभी कमरों की तलाशी ली। इसके बाद कोठी के अवैध निर्माण को गिराना शुरू कर दिया।
उल्लेखनीय है कि एटीएस ने शनिवार को 50 हजार रुपये के इनामी जमालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा और नीतू उर्फ नसरिन को गिरफ्तार किया था। दन दोनों पर अवैध रूप से धर्मांतरण का नेटवर्क संचालित करने का आरोप है। जांच के दौरान इस गिरोह के अलग-अलग संस्थाओं के नाम पर खुलवाए गये 40 बैंक खातों में सौ करोड़ रुपये से अधिक की फंडिंग की बात सामने आयी है। इस गिरोह के सदस्य 40 देशों की यात्रा कर चुके हैं। बाहर से युवक—युवतियां आकर उसकी कोठी में ठहरते थे। आरोप है कि छांगुर बाबा धर्मांतरण कराने वाले को लोगों को पैसा भी देता था। गिरोह के सदस्यों को हर धर्म की लड़कियों का धर्मांतरण के लिए लाखों रुपये दिये जाते थे। विदेशी फंडिंग के मामले में ईडी भी जांच कर सकती है।
धर्मांतरण मामले के आरोपित छांगुर बाबा की कोठी के अवैध निर्माण पर चला बुलडोजर

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