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… और पता नहीं कब इस जिंदा आदमी को बना दिया गया मुर्दा, बंद हो गई पेंशन, अब तक…

… और पता नहीं कब इस जिंदा आदमी को बना दिया गया मुर्दा, बंद हो गई पेंशन, अब तक…

Jharkhand (झारखंड) के रामगढ़ जिले में ऐसा भी होता है। होने को तो ऐसा लापरवाही की वजह से कहीं भी हो सकता है, लेकिन है यह एक संगीन जुर्म। मामला भरनो प्रखंड का है। यहां प्रखंड कार्यालय के कर्मचारियों की लापरवाही के कारण अमन कॉलोनी निवासी मुबारक मियां को मृत घोषित कर दिया गया। मृत्यु को बिना कंफर्म किए पेंशन भी बंद कर दी गई। झारखंड राज्य सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना अंतर्गत वृद्धा पेंशन मिल रही थी। मुबारक मियां को जीते जी सरकारी कर्मचारियों ने मार कर उनकी जिंदगी को परेशानियों से भर दिया। मुबारक मियां स्कूल चौक स्थित फुटपाथ पर बैठकर दर्जी का कार्य कर अपने परिवार का भरण पोषण करते हैं।

बड़ा सहारा थी वृद्धा पेंशन  

मुबारक मियां कहते हैं  कि वृद्धा पेंशन मिलने से मेरे लिए एक बहुत बड़ा सहारा था। मुझे मृत घोषित कर बीते जनवरी माह से यह सहारा छीन लिया गया। पेंशन नहीं मिलने को लेकर जब प्रखंड कार्यालय के ऑपरेटर अरुण कुमार से बात की तो उन्होंने बताया कि जिस प्रखंड कर्मी ने भौतिक सत्यापन किया है, उन्हीं के द्वारा सत्यापन के दौरान मृत घोषित किया गया है। फलस्वरूप पांच महीने से मुबारक मियां की पेंशन बंद है। ऑपरेटर ने यह भी बताया कि फिर से आवेदन दें तो पेंशन चालू हो जाएगी। अभी तक मुबारक मियां की समस्या का समाधान नहीं हो सका है। यह हमारे सिस्टम की कमजोरी को तो दिखाता ही है, कर्तव्य निभाने वाले की कर्तव्यहीनता को भी बताता है।

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