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समाज के प्रति हम सब की जिम्मेवारी, इसे समय पर पूरा करना हमारा कर्तव्य है: प्रधान जिला जज

समाज के प्रति हम सब की जिम्मेवारी, इसे समय पर पूरा करना हमारा कर्तव्य है: प्रधान जिला जज

सड़क दुर्घटना से संबंधित जिला स्तरीय कार्यशाला में प्रधान जिला जज भी हुए शामिल

Dhanbad news : झारखंड विधिक सेवा प्राधिकार के निर्देश पर आयोजित एकदिवसीय जिला स्तरीय मल्टी सेक होल्डर कंसल्स्टेशन कार्यक्रम का उद्घाटन सिविल कोर्ट धनबाद में शनिवार को धनबाद के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश राम शर्मा जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुजीत कुमार सिंह पोक्सो के विशेष न्यायाधीश प्रभाकर कुमार सिंह , ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस मौके पर न्यायाधीश श्री शर्मा ने कहा कि समाज के प्रति हम सब की जिम्मेवारी है जिसे समय पर पूरा करना हमारा कर्तव्य है।

कमजोर तबके तक  सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए हम कृतसंकल्प : न्यायाधीश सुजीत

जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुजीत कुमार सिंह ने कहा कि सड़क दुर्घटना में समय पर कागजात कोर्ट में जमा नहीं किए जाने के कारण मृतकों के परिजनों को मुआवजा नहीं मिल पाता है ।इस विषय पर पुलिस पदाधिकारियों को संदेश देते हुए जिला जज ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय ने अपने आदेश  मे स्पष्ट कहा है कि सड़क दुर्घटना के मामले में किसी भी हालत में 30 दिन के अंदर दुर्घटना सूचना रिपोर्ट कोर्ट को भेज देनी है , अन्यथा थाने के भार साधक अधिकारी पर कार्रवाई हो सकती है। उन्होंने कहा कि यदि समय पर पुलिस ऐसा कर दें तो मृतक के परिजनों को  तमाम मुश्किलों का सामना नहीं करना पड़ेगा यह समाज के प्रति हमारा कर्तव्य है। 

दुष्कर्म पीड़ितों  की गरीमा बनाए रखने में न्यायपालिका का अहम रोल : पोक्सो जज

पोक्सो एक्ट के विशेष न्यायाधीश प्रभाकर सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि  दुष्कर्म पीड़ितों  की गरीमा बनाए रखने में न्यायपालिका सहित आप सबों  का अहम रोल है, डीएसपी साइबर सुमित लकड़ा ने  कहा कि लोगों को सावधानीपूर्वक सड़क पर गाड़ी चलाने की सलाह दी और कहा कि 

असावधानी के कारण ही आए दिन दुर्घटना हो जाया कर रही है। अधिवक्ता यू. के.  सरकार ने कहा कि कानून के प्रावधानों के मुताबिक यदि धक्का मारने वाला गाड़ी का बीमा नहीं है तो मृतक व उसके परिजनों को उस गाड़ी के मालिक से रुपया लेने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है क्योंकि कानून यह है कि जब तक जब गाड़ी का बीमा रहेगा तो बीमा कंपनी उस दावे का भुगतान करती है बीमा नहीं रहने की स्थिति में वह भुगतान का दायित्व गाड़ी के मालिक पर चला जाता है। 

अधिवक्ता मो सिराज ने संबोधित करते हुए कहा कि 

ज्यादातर मामलों में बीमा कंपनियां टालमटोल का रवैया अपनाते रहती है बीमा के कागज को सत्यापन करने में काफी समय लगा देती है जिस कारण पीड़ित व्यक्ति को मुआवजा मिलने में काफी समय लग जाता है। इस बावत‌ जानकारी देते हुए  डालसा सचिव सह अवर न्यायाधीश निताशा बारला ने जानकारी देते हुए बताया कि कार्यशाला मे धनबाद के तमाम न्यायिक पदाधिकारी, विभिन्न थानों के थाना पदाधिकारी, पारा लीगल वालंटियर, डालसा के पैनल अधिवक्ता, एलएडीसीएस के , डिप्टी चीफ अजय कुमार भट्ट, सहायक कन्हैया लाल ठाकुर, नीरज गोयल, स्वाति कुमारी, मुस्कान चोपड़ा,शैलेन्द्र झा, सुमन पाठक  समेत दर्जनों लोग उपस्थित थे।

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